Hindi Suvichar

Hindi Suvichar

बेबसी और बेकसी का किस्सा भी अजीब है

कोई बासी होने पर रोटी नही खाता और किसीको

बासी होने तक रोटी नही मिलती

जिंदगी बस के कंडक्टर जैसी है सफर भी

रोजका एक जैसा है लेकिन जाना कहीं नही है

जिंदगी बस के कंडक्टर जैसी है सफर भी

रोजका एक जैसा है लेकिन जाना कहीं नही है

हर कोई मुश्किल कार्य से बचता है जबकि वे भूल जाता है

जिन्दगी का हर पहलु एक इम्तेहान है। अक्सर सफलता वही

लोग पाते हैं, जो कश्ती को समुन्द्र तक ले जाया करते हैं

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