Top Ten Hindi Shayari

Top Ten Hindi Shayari
1.Top Ten Shayari 
उदास आपको देखने से पहले ये आँखे न रहे 
खफा हो आप हमसे तो ये हमारी सासे न रहे 
अगर भूल से भी गम दिए हमने आपको आपकी 
जिन्दगी में हम क्या हमारी यादे भी न रहे 
 2.Top Ten Shayari 
अमल से भी माँगा वफ़ा से भी माँगा
तुझे मैंने तेरी रज़ा से भी माँगा
न कुछ हो सका तो दुआ से भी माँगा
कसम है खुदा की खुदा से भी माँगा।
 3.Top Ten Shayari 
अजब मुकाम से गुजरा है रास्ता दिल का
न आज की खबर है न पता है कल का
बेनूर सी आँखों में उनकी हसरत के सिवा
और क्या मानी है इश्क के हासिल का
तड़पे हैं सारी रात तेरी यादों के साए में
वक़्त हमने भी गुजारा है वो मुश्किल का
कोई ख्वाब भी देखें तो किस तरह देखें
याद फिर आ गया है बिखरना दिल का।
4.Top Ten Shayari 
शिकायत क्या करूँ दोनों तरफ ग़म का फसाना है
मेरे आगे मोहब्बत है तेरे आगे ज़माना है
पुकारा है तुझे मंजिल ने लेकिन मैं कहाँ जाऊं
बिछड़ कर तेरी दुनिया से कहाँ मेरा ठिकाना है।
5.Top Ten Shayari 
अपने रुख पर निगाह करने दो 
खूबसूरत गुनाह करने दो
रुख से पर्दा हटाओ ऐ जाने-हया 
आज दिल को तबाह करने दो
6.Top Ten Shayari 
चमन में जो भी थे नाफ़िज़ उसूल उसके थे,
तमाम काँटे हमारे थे और फूल उसके थे,
मैं इल्तेज़ा भी करता तो किस तरह करता,
शहर में फैसले सबको कबूल उसके थे।
7.Top Ten Shayari 
​क्या गिला करें उनकी बातों का
​क्या शिक़वा करें उन रातों से​​​
​​कहें भला किसकी खता इसे हम​
​​कोई खेल गया है मेरे जज्बातों से
8.Top Ten Shayari 
पत्थर समझ कर पाँव से ठोकर लगा दी
अफसोस तेरी आँख ने परखा नहीं मुझे
क्या उमीदें बांध कर आया था सामने
उसने तो आँख भर के देखा नहीं मुझे
9.Top Ten Shayari 
बंद रखते हैं जुबान लब खोला नहीं करते
चाँद के सामने सितारे बोला नहीं करते
बहुत याद करते हैं हम आपको लेकिन
अपना ये राज़ होंठों से खोला नहीं करते
 10.Top Ten Shayari 
रह जाएगी दिल में एक कसक सारी उम्र
रह जाएगी ज़िन्दगी में तेरी कमी सारी उम्र
कट तो जायेगा यह ज़िन्दगी का सफर लेकिन 
रह जाएगी ख्वाहिश तुझे पाने की सारी उम्र
ऐ बेवफा तेरी बेवफ़ाई में दिल बेकरार ना करूँ,
अगर तू कह दे तो तेरा इंतेज़ार ही ना करूँ,
तू बेवफा है तो कुछ इस कदर बेवफ़ाई कर,
कि तेरे बाद मैं किसी से प्यार ही ना करूँ
छुपाये दिल में अजब सा गुबार बैठे हैं,
न जाने कैसे तसव्वुर में यार बैठे हैं,
लुटा चुके हैं मुरव्वत में ज़िन्दगी अपनी,
तेरे लिए तो अना को भी मार बैठे हैं
 वो जो हमसे नफरत करते हैं,
हम तो आज भी सिर्फ़ उन पर मरते हैं,
नफ़रत है तो क्या हुआ यारों,
कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं।

 
 
 

Leave a Reply

Your email address will not be published.